सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं : मंत्री परमार

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में, भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 'सफलता के मंत्र' कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सहभागिता कर, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में चयनित अभ्यर्थियों को सफल सिविल सेवा एवं उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। मंत्री परमार ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' की संकल्पना सिद्धि में, आप सभी शिल्पकार बनकर अपनी प्रशासनिक दक्षता, पुरुषार्थ एवं परिश्रम से सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।

मंत्री परमार ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको समाज और राष्ट्र की सेवा करने का पुनीत अवसर मिला है। संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तीर्ण होना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति एक महान उत्तरदायित्व है। मंत्री परमार ने कहा कि अपनी इस असाधारण योग्यता को समाज और देश के उत्थान के लिए समर्पित करने का संकल्प लें। मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता ही मानवता का वास्तविक आभूषण है। हम चाहे सफलता के किसी भी शिखर पर पहुँच जाएँ, अपनी माटी का ऋण और अपनों के साथ को कभी नहीं भूलना चाहिए। यही कृतज्ञता का भाव 'लोक-कल्याण' की नींव रखता है।

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मंत्री परमार ने कहा कि देश की उन्नति का मार्ग गुरुओं के प्रति सम्मान से ही प्रशस्त होता है। शिक्षक चाहे विद्यालयीन शिक्षा के हो अथवा महाविद्यालयीन शिक्षा के हों, उनका स्थान हमारे जीवन में सदैव सर्वोच्च रहना चाहिए। मंत्री परमार ने कहा कि जब हम अपने गुरुजनों का सम्मान करते हैं, तो राष्ट्र स्वतः ही ज्ञान के शिखर की ओर अग्रसर होता है। मंत्री परमार ने कहा कि वास्तविक विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का जीवन स्तर सुधरे। ग्रामीण अंचल के विकास की मुख्यधारा से पिछड़े हुए लोगों का हाथ पकड़कर उन्हें आगे बढ़ाना ही हमारा पुनीत कर्तव्य है। सशक्त ग्रामीण भारत ही 'विकसित भारत' की नींव है।

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मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान को स्मरण करते हुए, राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता पर बल दिया। आइए, हम सब मिलकर समन्वय के भाव से भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने का दृढ़ संकल्प लें और अपनी प्रतिबद्ध सहभागिता से विकसित भारत@2047 की संकल्पना सिद्धि में सहभागिता सुनिश्चित करें।

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कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा-2025 में चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता के विभिन्न पहलुओं और प्रयासों से अवगत करवाया। साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद कर, उनकी जिज्ञासाओं पर अपने विचार भी साझा किए।

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में, हर वर्ष प्रदेश के अभ्यर्थियों के चयन की संख्या निरंतर बढ़ रही है। सिविल सेवा परीक्षा-2025 में, प्रदेश के 61 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, इनमें से दो अभ्यर्थियों ने देश भर में टॉप 10 में जगह बनाई है।

 

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